Friday, February 17, 2012

है उम्मीद की एक दिन वो मिलेगी


है उम्मीद की एक दिन वो मिलेगी
मेरी लगन और महेनत से ही मिलेगी
परीक्षा ले रहीं हैं परिस्थितियां मेरी
ले लें जी भरकर ले लें
पर मुझे है उम्मीद की एक दिन जरूर मिलेगी,
होंगे वो सपने मेरे भी पूरे
जिन्हें देखा हैं मेंने अपने
प्यार और परिवार के साथ
जिस दिन वो मुझे मिलेगी,
उडुंगी में भी आसमां के सातवें स्तर पर
उडंते पंछियों की तरह
एक दिन वो जरूर मिलेगी वो,
तब जी लुंगी अधुरी जिंदगी को
पूरी चाह के साथ
समेट लुंगी दुनिया को पूरे
उल्लास के साथ
जिस दिन वो मुझे भाग और
सच्चाई के साथ
है उम्मीद की एक दिन वो आएगा
जब मुझको भी नौकरी मिलेगीण्

5 comments:

  1. जो मेहनत में यकीं रखते हों उन्हें सफलता की चिंता क्यों..

    खुद पर रखो विश्वास..आज में जियो कल की चिंता क्यों..

    (बहुत आगे बढ़ोगी Don't worry...)

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  2. कविता पूरी नहीं है दोस्त, इसे पूरा करो..........

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    1. अब नौकरी मिल गई है..... हा...हा...हा...हा...

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  3. kya pura nahe hai aap pura ker do

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    1. अब नौकरी मिल गई है..... हा...हा...हा...हा.

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